105 वर्षीय पूर्व विधायक सही राम बिश्नोई को सम्मानित करने की मांग, स्पीकर को सौंपा पत्र

चंडीगढ़ । Jan Sandesh Haryana
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के विधायक दल के नेता आदित्य देवीलाल ने विधानसभा के प्रश्नकाल एवं शून्यकाल के दौरान जनहित से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए।
शून्यकाल में बोलते हुए आदित्य देवीलाल ने नहरों के पक्के निर्माण के बाद उनके मोघों (आउटलेट्स) से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नहर विभाग द्वारा कभी मोघों को ऊंचा तो कभी नीचा किया जाता है, जिससे टेल के किसानों को पूरा पानी नहीं मिल पाता। इसके कारण किसान धरने पर बैठने को मजबूर हो जाते हैं और बाद में सरकार आगे के किसानों के मोघों को छोटा करवा देती है, जिससे किसानों के बीच आपसी विवाद उत्पन्न हो जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नहरें पक्की की जाती हैं, उसी समय मोघों का साइज स्थायी रूप से तय क्यों नहीं किया जाता। सरकार यह सुनिश्चित करे कि नहर पक्की होने के बाद उनसे कोई छेड़छाड़ न हो।
दूसरा मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने बुढ़ापा पेंशन सहित लगभग सभी जनकल्याणकारी योजनाएं पोर्टल आधारित कर दी हैं। आम नागरिकों को पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने पड़ते हैं, लेकिन पोर्टलों की तकनीकी खामियों के कारण लोगों को बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
उन्होंने डबवाली क्षेत्र के कालुआना गांव निवासी अजय भादू का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी फैमिली आईडी में मुखिया का नाम गलत दर्ज है। सही दस्तावेज होने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ और सीएससी सेंटरों पर निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक राशि वसूली गई।
तीसरे मुद्दे के रूप में उन्होंने चौटाला गांव के बस स्टैंड पर सरकारी एवं प्राइवेट बसों के न रुकने की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय सभी बसें वहां जाती थीं, लेकिन वर्तमान में न तो सरकारी और न ही प्राइवेट बसें वहां रुक रही हैं। उन्होंने मांग की कि डबवाली सहित सभी सरकारी बस स्टैंड पर बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को असुविधा न हो।
कृषि मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए आदित्य देवीलाल ने कहा कि सरकार “सबका साथ, सबका विश्वास” की बात करती है, लेकिन सिरसा जिले के साथ भेदभाव किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों से नरमा और कपास की फसल पूरी तरह खराब हो रही है। वर्ष 2002 के बाद कपास की कोई नई किस्म देश में नहीं आई है, जबकि अमेरिका में बीटी-6 तक की किस्में आ चुकी हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों के हित में नए बीज उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में सीड टेस्टिंग लैब की क्षमता कम है और उपलब्ध लैबों में क्षमता से कहीं अधिक सैंपलों की जांच दिखाई जा रही है, जिससे बीज परीक्षण की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
इस दौरान आदित्य देवीलाल ने चौधरी अभय सिंह चौटाला की अनुशंसा पर संयुक्त पंजाब विधानसभा के सबसे वयोवृद्ध सदस्य श्रीमान सही राम बिश्नोई (आयु 105 वर्ष) को विधानसभा के नियमानुसार विशेष आयोजन के तहत उचित मान-सम्मान दिए जाने की मांग को लेकर विधानसभा स्पीकर को एक पत्र भी सौंपा।
उन्होंने बताया कि सही राम बिश्नोई पूरे देश में इस आयु के एकमात्र जीवित पूर्व विधायक हैं। उन्होंने लाहौर से कानून की शिक्षा प्राप्त की थी और वर्ष 1947 के स्वतंत्रता आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।




