
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के विधायक दल के नेता Aditya Devi Lal ने दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत दिए गए लाइसेंस का पूरा ब्यौरा सरकार से मांगा।
सदन में मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1977 से लेकर 2016 तक सरकार द्वारा विकसित किए गए सेक्टरों में अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति, भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता सेनानी, विधवा और दिव्यांगजनों के लिए विशेष कोटा आरक्षित किया जाता था। इससे समाज के कमजोर वर्गों को भी आवास योजनाओं का लाभ मिल पाता था।
अदित्य देवीलाल ने सप्लीमेंट्री प्रश्न पूछते हुए कहा कि किफायती आवास योजनाओं का उद्देश्य आम आदमी को राहत देना होता है, लेकिन वर्तमान में Deendayal Upadhyay Housing Scheme के तहत आम लोगों को सीधे प्लॉट देने के बजाय नीलामी के माध्यम से प्लॉट दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नीलामी प्रणाली के कारण प्लॉट की कीमतें बढ़कर एक लाख रुपये प्रति गज से भी अधिक पहुंच गई हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए घर लेना मुश्किल हो गया है।
इनेलो नेता ने सरकार से सवाल किया कि क्या आम लोगों को राहत देने और किफायती आवास को वास्तव में सुलभ बनाने के लिए सरकार कोई ठोस कदम उठाने जा रही है।
(Jan Sandesh News)




