हरियाणा बजट 2026-27 पर अभय चौटाला का हमला, बोले—नाम बड़े, दर्शन छोटे

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चंडीगढ़– Jan Sandesh Haryana
, इनेलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव, ने हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट को दिखावे मात्र का बजट बताते हुए तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस बजट में न तो आम आदमी को महंगाई से राहत देने की कोई योजना है, न युवाओं की बेरोजगारी दूर करने का रोडमैप और न ही किसानों को उनकी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने का कोई प्रावधान।

अभय चौटाला ने कहा कि प्रदेश का कुल बजट 2 लाख 23 हजार 658 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 18 हजार करोड़ रुपये अधिक है, लेकिन इसी दौरान प्रदेश के कर्ज में प्रस्तावित बढ़ोतरी 40 हजार करोड़ रुपये की है। इससे कुल कर्ज का आंकड़ा बढ़कर करीब 4 लाख 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पिछले 11 वर्षों से प्रदेश पर लगातार कर्ज का बोझ बढ़ा रही है। स्थिति यह हो गई है कि हरियाणा में जन्म लेने वाला हर बच्चा अपने सिर पर सवा लाख रुपये से अधिक का कर्ज लेकर पैदा हो रहा है। चौटाला ने सरकार से प्रदेश पर चढ़े कुल कर्ज को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

“कर्ज और ब्याज में ही खर्च हो जाएगा 30% बजट”

अभय चौटाला ने कहा कि कुल बजट का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा, यानी करीब 65,670 करोड़ रुपये, केवल कर्ज और ब्याज की अदायगी में चला जाएगा। इसके अलावा यदि कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का खर्च निकाल दिया जाए तो प्रदेश के विकास कार्यों के लिए नाममात्र राशि ही शेष बचेगी

उन्होंने बजट में किए गए दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर जीडीपी का लक्ष्य तय करना जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में मांग और खपत दोनों में गिरावट आएगी।

“कटौती और मामूली बढ़ोतरी से विकास संभव नहीं”

अभय चौटाला ने कहा कि जिन मदों में बढ़ोतरी दिखाई गई है, वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। आर्थिक सेवाओं के मद में आवंटन 0.52 प्रतिशत कम किया गया है, जिससे ग्रामीण विकास और पंचायत सेवाओं में सुधार की कोई उम्मीद नहीं है। वहीं ऊर्जा क्षेत्र में 26 प्रतिशत की कटौती सरकार की विकास मंशा पर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बार एसवाईएल (SYL) नहर के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं रखा गया है, जो पंजाब के चुनावों को देखते हुए किया गया फैसला है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल हरियाणा के लोगों की जीवन रेखा है, और प्रदेश की जनता इसे कभी नहीं भूलेगी।

“किसानों की पूरी तरह अनदेखी”

अभय चौटाला ने कहा कि इस बजट में किसानों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। न तो कर्ज माफी की कोई बात की गई है और न ही एमएसपी पर फसलों की खरीद को लेकर कोई ठोस योजना सामने आई है।

अंत में उन्होंने कहा,
“कुल मिलाकर यह बजट सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी है। यह दिखावे का बजट है, जिसके नाम बड़े हैं लेकिन दर्शन छोटे।”


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