Category: साहित्य
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पुस्तक समीक्षा
नदी सिंदूरी- देहात की दुनिया का यथार्थ साक्षात्कार ‘नर्मदा’ नदी की सहायक नदी ‘सिंदूरी’ के किनारे बसे गोंड आदिवासी बहुल एक छोटे से गांव मदनपुर के वर्ष 1993-94 के जीवन घटनाचक्र और संस्मरणों की पृष्ठभूमि में रचित शिरीष खरे का कहानी संग्रह ‘नदी सिंदूरी’, पाठकों के मन को उनके गांवों की ओर ले चलता है।…
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चंडीगढ़: सर्वाधिक सक्रिय लेखक प्रो. वीरेंद्र मेहंदीरत्ता
चंडीगढ़ के सर्वाधिक सक्रिय लेखक, समीक्षक एवं रंगकर्मी प्रो. वीरेंद्र मेहंदीरत्ता, १९३७ में रावलपिंडी (अब पाकिस्तान) के समीप एक कस्बे में जन्मे थे। चंडीगढ़ की स्थापना के साथ ही १९५३ में इस शहर में प्रवेश कर चुके डॉ. मेहंदीरत्ता अब तक सृजनात्मक सक्रियता बनाए हुए हैं। वह इस नगर के शैक्षणिक, सांस्कृतिक व साहित्यिक विकास…
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चौधरी अभय सिंह चौटाला ने सेवा सिंह रापड़िया की ‘हरियाणवी मखौल’ नामक शीर्षक पुस्तक का किया लोकार्पण
चंडीगढ़ : इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने वीरवार को यहां पार्टी कार्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान अपने एक सहयोगी द्वारा हरियाणवी भाषा में लिखी ‘हरियाणवी मखौल’ नामक शीर्षक का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि हरियाणा की साहित्यिक परम्परा, वेदों की रचना से प्रारम्भ होकर महर्षि वेद व्यास, संतकवि सूरदास, पं. लखमीचंद…
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अतीक को त्याग सूरदास, रसखान, धन्ना भगत को याद कीजिए
हमारे पास ढेरों ऐसे अविश्वसनीय प्रसंग हैं जो प्रेरक भी हैं, प्रामाणिक हैं, मगर उन्हें व्यापक स्तर पर याद करने की फुर्सत न मीडिया के पास है, न ही बुद्धिजीवियों या सियासतदानों के पास। अतीक अहमद के प्रकरण पर एक अनुमान के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट व डिजिटल मीडिया ने लगभग 600 घंटे खर्च किए और…