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Haryanvi Comedy – हरियावणी मखौल

नैट में कितणे मोरे…लिल्लू राम अपणा साथी तै बोल्या- भाई साब मन्नै टेनिस कै बारै मैं तेरै तै घणा ज्ञान सै। तो उसका साथी कोणसा कम था, पड़दाए बोल्या-अच्छा तो बता टेनिस का नैट मैं कितणे मोरे ओवैं सैं।

कोणसा आसान काम सै…तेल्लू का बीड़ी पी-पी कै बुरा हाल हो लिया था। जद वो डाकदर धोरै गया तो डाकदर बोल्या- तों दिन मैं कितणी बीड़ी पिया करै, तेल्लू बोल्या- जी सारा दिन मैं बीस बीड़ी पीया करूं। तो डाकदर बोल्या- अरजे तन्नैं सही अर पक्का इलाज करवाणा सै तो बीड़ी छोडणी पड़ैंगी, बस एक बीड़ी खाणा खायां पाच्छै पी सकै सै। इब जब घणे दिनां पाच्छै तेल्लू डाकदर धोरै गया तो डाकदर उसकी सेहत देखकै बोल्या- वाह, देख्या फेर, मेरा बताया ओया परहेज तै तों कितणा तंदुरुस्त हो ग्या सै। तेल्लू राम पड़दाए बोल्या- डाकदर साब दिन मैं बीस बार खाणा खाणा भी कोणसा आसान काम सै।

मेरे नए सैंडल सैं…भतेरी शहर मैं खरीददारी करण गई थी। जब सांझ नै घरां आई अर दरवाजा खटखटाया तो भतेरी का घरवाला नै दरवाजा खोल्या। भतेरी नै अपणे दोन्नू आथां मैं घणाए समान लिया ओया था, तो भतेरी बोल्ली- यो जोणसा डिब्बा तलै धरया सै इसनै ठाकै भीत्तर धर ले। उसका घरवाला खुश ओकै बोल्या- अरे वाह, इस डिब्बा मैं जरूर मेरै खात्तर कोए खाण की चीज ओ गी। भतेरी पड़दिए बोल्ली- हां इसमैं मेरे नए सैंडल सैं।

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