कृषि विज्ञान केंद्र, ग्रामोत्थान विद्यापीठ, संगरिया द्वारा “उर्वरकों का संतुलित उपयोग अभियान” के तहत गांव साबुआना में किसान गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में 58 किसानों एवं ग्रामीण युवाओं ने भाग लेकर खरीफ फसलों के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी प्राप्त की।
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अनूप कुमार ने कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने से उत्पादन लागत घटती है और भूमि की उर्वराशक्ति लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।
शस्य वैज्ञानिक डॉ. चंद्र शेखर शर्मा ने नरमा कपास की उन्नत शस्य क्रियाओं, संतुलित पोषण, खरपतवार नियंत्रण और सिंचाई प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं पौध संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. उमेश कुमार ने गुलाबी लट नियंत्रण, फेरोमोन ट्रैप और समन्वित कीट प्रबंधन तकनीकों पर किसानों को जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं का वैज्ञानिकों ने समाधान किया। किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना की।



