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ईंधन की बढ़ी कीमतों के विरोध में 1 जून को हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी इनेलो

प्रो. संपत सिंह बोले— पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की महंगाई से मध्यम व गरीब वर्ग परेशान

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चंडीगढ़, 28 मई। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रसोई गैस की बढ़ी कीमतों के विरोध में 1 जून 2026 को हरियाणा के सभी जिला मुख् संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने गुरुवार को चंडीगढ़ स्थित इनेलो मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में यह घोषणा की।

प्रो. संपत सिंह ने कहा कि ईंधन और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग, गरीब परिवारों, किसानों, मजदूरों और ट्रांसपोर्टरों पर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन और खेती की लागत बढ़ रही है, वहीं रसोई गैस के बढ़े दामों से घरेलू बजट प्रभावित हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर में 110 रुपये तथा कमर्शियल सिलेंडर में 993 रुपये की वृद्धि से आम लोगों और कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

इनेलो नेता ने केंद्र और हरियाणा सरकार पर पेट्रोलियम उत्पादों से भारी कर वसूली का आरोप लगाते हुए दावा किया कि वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच केंद्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोलियम क्षेत्र से लगभग 75 लाख करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हरियाणा सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर करों के माध्यम से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त की है।

प्रो. संपत सिंह ने सरकारी और निजी तेल कंपनियों के मुनाफे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि सरकारी तेल कंपनियों ने लगभग 10 लाख करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी निजी कंपनियों ने करीब 9 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। साथ ही, जनवरी से मार्च 2026 के बीच निजी तेल कंपनियों के लाभ में 41 प्रतिशत वृद्धि होने का भी दावा किया।

उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखा जाता है, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया जाता है। इनेलो ने मांग की है कि पेट्रोल, डीजल और गैस पर लगाए गए अत्यधिक कर तुरंत कम किए जाएं तथा कच्चे तेल की कीमतों में राहत का लाभ आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए।

प्रो. संपत सिंह ने चेतावनी दी कि यदि 31 मई तक बढ़ी हुई कीमतें वापस नहीं ली गईं तो 1 जून को पूरे हरियाणा में जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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