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3 मार्च 2026 को लगेगा चंद्र ग्रहण, जानिए राशियों पर प्रभाव, उपाय और ग्रहण काल में क्या करें–क्या न करें

3 मार्च 2026 को लगेगा चंद्र ग्रहण, जानिए राशियों पर प्रभाव, उपाय और ग्रहण काल में क्या करें–क्या न करें
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नई दिल्ली।
3 मार्च 2026 को वर्ष का एक महत्वपूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण न केवल खगोलीय दृष्टि से अहम है, बल्कि धार्मिक, ज्योतिषीय और आध्यात्मिक रूप से भी इसे विशेष माना जा रहा है। चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक ग्रह माना जाता है, ऐसे में चंद्र ग्रहण का असर मानव जीवन पर भी पड़ता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान व्यक्ति की मानसिक ऊर्जा, सोच और निर्णय क्षमता प्रभावित हो सकती है। इस समय संयम, आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है।


इन राशियों पर पड़ेगा विशेष प्रभाव

मेष, कर्क, तुला और मकर राशि

इन राशियों पर चंद्र ग्रहण का सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

  • मानसिक तनाव
  • भावनात्मक उतार-चढ़ाव
  • निर्णय लेने में भ्रम

इन राशियों के जातकों को ग्रहण काल में धैर्य रखने और वाद-विवाद से बचने की सलाह दी जाती है।

वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ राशि

  • कार्यक्षेत्र में सावधानी जरूरी
  • रिश्तों में गलतफहमी से बचें
  • खर्चों पर नियंत्रण रखें

मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि

इन राशियों के लिए ग्रहण आत्मचिंतन और नई दिशा तय करने का समय हो सकता है।

  • पुराने निर्णयों की समीक्षा
  • आत्मविश्वास में वृद्धि
  • मानसिक स्पष्टता के संकेत

चंद्र ग्रहण के दौरान करें ये उपाय

✔️ मन को शांत रखने के लिए ध्यान और प्राणायाम करें
✔️ “ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें
✔️ सकारात्मक विचार रखें और क्रोध से बचें
✔️ ग्रहण के बाद दान-पुण्य करें
✔️ स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनें

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण काल के बाद गरीबों को अन्न, वस्त्र या सफेद वस्तुओं का दान शुभ फल देता है।


चंद्र ग्रहण में क्या करें और क्या न करें

क्या करें

✔️ मौन और आत्मचिंतन
✔️ मंत्र जाप और साधना
✔️ घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखें

क्या न करें

❌ ग्रहण के दौरान भोजन न करें
❌ कोई बड़ा निर्णय न लें
❌ झगड़ा, विवाद या नकारात्मक सोच से बचें
❌ गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह


वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी है अहम

वैज्ञानिकों के अनुसार चंद्र ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, जिसमें पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इसका सीधा भौतिक प्रभाव मानव जीवन पर नहीं पड़ता, लेकिन मानसिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के कारण लोग इसे विशेष रूप से देखते हैं।


निष्कर्ष

चंद्र ग्रहण का समय डर का नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संयम और सकारात्मक ऊर्जा को जागृत करने का अवसर माना जाता है। सही सोच और संतुलित व्यवहार से इस समय का सकारात्मक उपयोग किया जा सकता है।

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