कोलंबो। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच Anura Kumara Dissanayake की सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए ईरान के नौसैनिक जहाज को अपने बंदरगाह पर शरण देने की अनुमति दी है।

राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने टीवी संबोधन में बताया कि ईरान के नौसेना जहाज IRINS Bushehr ने श्रीलंका सरकार से किसी सुरक्षित बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद सरकार ने जहाज को देश के पूर्वी तट पर स्थित Trincomalee Port में कस्टडी में लेने का निर्णय लिया।
बताया गया है कि जहाज पर कुल 208 लोग सवार थे, जिनमें 53 अधिकारी, 84 कैडेट ऑफिसर, 48 सीनियर सेलर्स और 23 सेलर्स शामिल हैं। श्रीलंका प्रशासन ने सभी को राजधानी Colombo में आने की अनुमति दे दी है।
इससे पहले बुधवार को हिंद महासागर में एक अन्य ईरानी जहाज पर कथित तौर पर अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो हमला किए जाने की खबर सामने आई थी, जिसमें 87 ईरानी नाविकों की मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में श्रीलंका द्वारा ईरानी जहाज को शरण देना एक साहसिक और रणनीतिक फैसला माना जा रहा है, जिसका असर क्षेत्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।
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