
नई दिल्ली/यरूशलम:
इज़राइल के प्रमुख अख़बार Jerusalem Post ने अपने पहले पन्ने पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ हिन्दी और हिब्रू भाषा में “नमस्ते” प्रकाशित किया है। इसके ठीक नीचे लिखा गया— “दो प्राचीन देश अपने संबंधों का नया अध्याय शुरू कर रहे हैं।”
इस फ्रंट पेज को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और कूटनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है। जानकारों का कहना है कि इज़राइली मीडिया में हिन्दी भाषा का इस तरह प्रमुखता से इस्तेमाल, भारत की सांस्कृतिक पहचान और उसकी बढ़ती वैश्विक प्रभावशीलता को दर्शाता है।
विश्लेषकों के अनुसार, अख़बार में भारत सरकार के बजाय प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को केंद्र में रखना, भारत–इज़राइल संबंधों में नेतृत्व आधारित कूटनीति की अहम भूमिका को रेखांकित करता है। बीते वर्षों में रक्षा, साइबर सुरक्षा, तकनीक और कृषि जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग तेज़ी से बढ़ा है।
“दो प्राचीन देश” जैसे शब्दों का चयन भी खास मायने रखता है। इसे रिश्तों को राजनीतिक नहीं, बल्कि सभ्यतागत और ऐतिहासिक संदर्भ में प्रस्तुत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
मध्य-पूर्वी क्षेत्र में भी इस संदेश को ध्यान से देखा जा रहा है, क्योंकि भारत एक ओर इज़राइल के साथ रणनीतिक रिश्ते मज़बूत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अरब देशों और फ़िलिस्तीन के साथ अपने पारंपरिक संबंधों का संतुलन भी बनाए हुए है।
कुल मिलाकर, यरूशलम पोस्ट का यह पहला पन्ना केवल एक अभिवादन नहीं, बल्कि भारत–इज़राइल संबंधों के नए और अधिक आत्मविश्वासी दौर की ओर इशारा करता है।




