विशेषज्ञों की निगरानी में ही हो ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग : विशेषज्ञों की चेतावनी
बीजिंग/नई दिल्ली।
चीन में एक व्यक्ति द्वारा 2 टन इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) और पुराने सिम कार्डों से 191 ग्राम सोना निकालने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि सिम कार्ड की चिप्स में बेहतर विद्युत संचालन (Electrical Conduction) के लिए सोने की एक बेहद पतली परत मौजूद होती है।
हालांकि, इस सोने को निकालने की प्रक्रिया जितनी आकर्षक दिखाई देती है, उतनी ही जानलेवा भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक में अत्यंत जहरीले और घातक रसायनों का उपयोग किया जाता है, जो मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग भविष्य की एक बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक कचरे की मात्रा तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इस तरह की गतिविधियां केवल प्रशिक्षित विशेषज्ञों और सुरक्षित वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के तहत ही की जानी चाहिए।
बिना सुरक्षा उपायों और तकनीकी ज्ञान के ई-वेस्ट से धातुएं निकालने की कोशिश करना न केवल कानूनन अपराध हो सकता है, बल्कि इससे गंभीर बीमारियों, प्रदूषण और जान-माल के नुकसान की आशंका भी बनी रहती है।




