
सरगुजा (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक स्थित जामझोर गांव के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में शिक्षक की अनुपस्थिति में स्कूल का झाड़ू लगाने वाला कर्मचारी बच्चों को पढ़ाते हुए दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार, संबंधित स्कूल में हेडमास्टर समेत कुल तीन शिक्षक नियुक्त हैं, लेकिन कक्षा संचालन के दौरान कोई भी शिक्षक विद्यालय में मौजूद नहीं था। यह स्थिति तब सामने आई जब स्थानीय लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब देश में सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर पहले से ही चिंताएं जताई जा रही हैं। Annual Status of Education Report (ASER) 2024 के अनुसार, सरकारी प्राथमिक स्कूलों में औसत शिक्षक उपस्थिति 87.5 प्रतिशत है, यानी हर दिन दस में से एक से अधिक शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं। वहीं ASER 2023 ने भी बुनियादी पढ़ाई-लिखाई और गणितीय कौशल में बच्चों की कमजोर स्थिति को उजागर किया था।
इसके अलावा, UNESCO की 2021 की रिपोर्ट में भी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी, निगरानी तंत्र की कमजोरियों और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख किया गया है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जामझोर गांव की यह घटना केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और निगरानी की व्यापक खामियों की ओर इशारा करती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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