
बिना सरकारी अनुमति के 7501 एवं 7301 आदि जैसे संकर धान बीजों को बहुत महंगे दाम पर किसानों को बेचा गया
हरियाणा के किसान कपास में बिना अनुमोदित संकर बीजों से उत्पन्न गुलाबी सुंडी के कहर से भारी नुकसान उठा रहे हैं और अब धान में बौनेपन वायरस बीमारी की आहट सुनाई देने लगी है जिसकी हकृवि और पूसा के पूर्व कृषि वैज्ञानिक भी चिंता जता चुके हैं
सरकार समय रहते बिना अनुमोदित अवैध रूप से बेचे जा रहे संकर धान बीज की उच्च स्तरीय जांच करे और इस अवैध व्यापार करने वाले दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें
चंडीगढ़ – के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को चौतरफा मार दे रही है। एक तो किसान का खेती करना बहुत महंगा हो गया है वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट कंपनियां पिछले दो सालों से अवैध तरीके से संकर धान बीज को प्रशासन की नाक के नीचे बाजार में बेखौफ होकर धड़ल्ले से बेच रहे हैं। वर्ष 2023 और 2024 में हरियाणा प्रदेश में बड़ी मात्रा में अवैध तौर पर बिना सरकारी सिफारिश वाले संकर धान बीज की बाजार में बिक्री के समाचार मीडिया में भी छपे जिसमें स्पष्ट तौर पर लिखा गया था कि बिना सरकारी अनुमति के 7501 एवं 7301 आदि जैसे संकर धान बीजों को बहुत महंगे दाम पर किसानों को बेचा गया। इसके खिलाफ किसानों ने शिकायतें भी की लेकिन सरकार ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और प्राइवेट कंपनियां अधिकारियों और नेताओं से मिलीभगत करके लगातार बाजार में बिना अनुमति के अवैध बीज बेच रही है। हरियाणा के किसान पहले ही कई वर्षों से कपास फसल में इस तरह के बिना अनुमोदित संकर बीजों से उत्पन्न गुलाबी सुंडी के कहर से भारी नुकसान उठा रहे है। बिना अनुमोदित वाले संकर धान बीजों की बदौलत हरियाणा प्रदेश का धान का कटोरा के नाम से जाने जाने वाले करनाल, कुरूक्षेत्र, यमुनानगर आदि जिलों में बौनेपन वायरस बीमारी की आहट सुनाई देने लगी है। इसकी चिंता हकृवि और पूसा के पूर्व में रहे कृषि वैज्ञानिक भी जता चुके हैं। इसलिए किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को समय रहते इन अवैध बिना अनुमोदित संकर धान बीज की उच्च स्तरीय जांच करनी चाहिए और इस अवैध व्यापार करने वाले दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
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