संगरिया। राजस्थान सरकार के पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, ग्रामोत्थान विद्यापीठ संगरिया द्वारा किन्नौ महोत्सव का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विभाग एवं जिला प्रशासन हनुमानगढ़ के सहयोग से हुआ। इस अवसर पर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से लगभग 550 किसान, प्रगतिशील बागवान, कृषि वैज्ञानिक, उद्यमी एवं विभागीय अधिकारी शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम ने एक विशाल किसान महाकुंभ का स्वरूप ग्रहण कर लिया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला परिषद हनुमानगढ़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ओम प्रकाश बिश्नोई ने अपने संबोधन में कहा कि हनुमानगढ़ जिला किन्नौ उत्पादन की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। यदि किसान वैज्ञानिक पद्धतियों, संतुलित पोषण प्रबंधन एवं आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाएं तो वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने उद्यानिकी विकास के लिए जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उद्योग केंद्र हनुमानगढ़ की महाप्रबंधक श्रीमती आकाशदीप कौर, उप निदेशक आर्थिकी एवं सांख्यिकी डॉ. ममता बिश्नोई, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार डॉ. प्रमोद यादव एवं उप निदेशक उद्यान डॉ. रमेश बराला उपस्थित रहे।
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण तकनीकी सत्र रहा। इस दौरान पूर्व उपनिदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र बठिंडा डॉ. जितेंद्र सिंह बराड़ ने साइट्रस पौधों में मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक प्रबंधन एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। क्षेत्रीय फल अनुसंधान केंद्र, अबोहर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृष्ण कुमार ने किन्नौ की क्षेत्रीय महत्ता, निर्यात संभावनाओं, उपयुक्त किस्मों एवं रोग प्रबंधन पर प्रकाश डाला। पूर्व निदेशक डॉ. बी.एस. यादव ने माइक्रो इरिगेशन, मल्चिंग एवं जल संरक्षण जैसी आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी। वहीं केवीके अबोहर के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. विनोद सहारण ने किन्नौ की कटाई उपरांत प्रबंधन, ग्रेडिंग, पैकिंग, भंडारण एवं मूल्य संवर्धन की संभावनाओं पर चर्चा की। कृषि अधिकारी डॉ. साहब राम गोदारा ने उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदानों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी किसानों को दी।
महोत्सव के दौरान आयोजित फल एवं सब्जी प्रतियोगिता किसानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। किसानों द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले किन्नौ, सब्जियों एवं अन्य बागवानी उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों, कृषि आदान कंपनियों एवं तकनीकी संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर नवीन कृषि यंत्र, उन्नत किस्में, जैविक उत्पाद, पौध संरक्षण तकनीक एवं प्रसंस्करण उपकरण प्रदर्शित किए गए।
कार्यक्रम के अंत में फल एवं सब्जी प्रतियोगिता तथा उत्कृष्ट स्टॉल प्रदर्शन में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले किसानों एवं स्टॉल आयोजकों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
स्वागत भाषण में कृषि विज्ञान केंद्र संगरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अनूप कुमार ने सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से किन्नौ उत्पादन को वैज्ञानिक आधार मिलेगा, लागत घटेगी तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने किसानों से किसान सारथी ऐप में पंजीकरण कराने का भी आह्वान किया।
उत्साह, ज्ञानवर्धन एवं किसान-वैज्ञानिक संवाद की सकारात्मक भावना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। किन्नौ महोत्सव ने क्षेत्र में उद्यानिकी विकास को नई दिशा देने का कार्य किया।




