चंडीगढ़ | Jan Sandesh News
20 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए सदन में जनहित के मुद्दों पर बड़ा दबाव बनाया है। किसान-कमेरे के स्वाभिमान और संघर्ष की प्रतीक हरी पगड़ी धारण कर विधानसभा पहुँचे जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कर दिया कि अब सिर्फ़ डबवाली और रानिया ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा की आवाज़ सदन में गूंजेगी।
किसान-कमेरे के मसीहा चौधरी देवी लाल की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए, इनेलो विधायक दल के नेता आदित्य देवीलाल और विधायक अर्जुन चौटाला की ओर से बजट सत्र के लिए 11 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दाखिल किए गए हैं।
ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में एसवाईएल नहर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब तक कोई कार्रवाई न होना, प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराध, सरकारी स्कूलों में हजारों शिक्षकों के खाली पद, युवाओं में बढ़ता नशा, विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की भारी कमी जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
इसके अलावा एचटेट परीक्षा में परीक्षार्थियों से करीब 72 लाख रुपये की अतिरिक्त वसूली, वृद्धावस्था सम्मान पेंशन में गड़बड़ियां, चंडीगढ़ में विधानसभा भवन के लिए जमीन आवंटन में नाकामी, श्रम मंत्रालय में हुए 1500 करोड़ रुपये के घोटाले पर कार्रवाई न होना, वोकेशनल शिक्षा संस्थानों में प्रशिक्षित शिक्षकों की भारी कमी तथा धान और बाजरा खरीद घोटाले पर सरकार की चुप्पी जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया है।
सदन में इनेलो विधायक दल के नेता आदित्य देवीलाल की ओर से मुख्यमंत्री सहित स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, सिंचाई, उद्योग एवं वाणिज्य तथा आबकारी मंत्री से जुड़े विभागों पर 9 तारांकित और 2 अतारांकित प्रश्न पूछे गए हैं।
वहीं विधायक अर्जुन चौटाला की ओर से मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, कृषि मंत्री, शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से संबंधित 8 तारांकित और 2 अतारांकित प्रश्न लगाए गए हैं।
इनेलो नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि यह लड़ाई सत्ता के लिए नहीं, बल्कि किसान-कमेरे के सम्मान, युवाओं के भविष्य, डबवाली-रानिया और पूरे हरियाणा के हक़ के लिए है। बजट सत्र में सरकार को हर मुद्दे पर जवाब देना ही होगा।





